उड़ने दो “मिट्टी” को

*उड़ने दो “मिट्टी” को आखिर कहाँ तक उड़ेगी….*
*हवाओं” ने जब साथ छोड़ा तो “जमीन” पर ही गिरेगी…..*
*जो लोग “आलोचना” से डरते हैं, वे “जीवन” में कुछ नहीं कर पाते हैं।*
*सफर” जितना “कठिन” होता है, “मंजिल” उतनी ही “शानदार” होती है।*

 


Udne to mitti ko, aakhir khan tak udegi….

Hawaon ne jab saath choda to jameen par he giregi…

Jo log alochna se darte hain, ve jeevan main kuch nahi kar paate hain

Safar jitna kathin hota hai, manjil utni hi shandaar hoti hai

 

 

ध्यान दे : जीवन मैं आगे बढ़ने के लिए किताबे सहायक होती हैं। आपके लिए एक किताब जो आपकी मदद करेगी आगे बढ़ने मैं । Link

You may also like this:

    None Found

Leave a Comment