ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा

अध्यापक : “ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा “का वाक्य प्रयोग कीजिये….
.
.
.
.
मयंक : एक लड़की थी, उसका नाम ख़ुशी था,
.
.
.
खुशी रात दिन बॉयफ्रेंड से चैट करती थी।
.
.
.
.
इस बात से तंग आकर घरवालों ने उसे घर से निकाल दिया।
बॉयफ्रेंड ने भी नहीं अपनाया
अब ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा।
😎😎😎😂😂