हिंदी हसगुल्ले भाग 22

अध्यापक – तुम कैसे सिद्ध करोगे कि साग-पात खाने वाले की निगाहें तेज होती है |

छात्र – सर , आज तक किसी ने बकरे या घोडे को चश्मा लगाते देखा है क्या ?


“पत्नी -: तबियत ख़राब सी लग रही है ….
पप्पू -: ऒह नो …मैं सोच रहा था कि हम आज
डिनर कहीँ बाहर
करते …
पत्नी -: अरे मैं तो मजाक कर रही थी ..!!
पप्पू : “”मैं भी मजाक कर रहा था ..
.
.
शाबाश …चल उठ रोटी बना!”


“डॉक्टर: तुम कौन-सा साबुन इस्तेमाल करते हो?
मरीज: बजरंग का साबुन।
डॉक्टर: पेस्ट?
मरीज: बजरंग का पेस्ट?
डॉक्टर: शैम्पू?
मरीज: बजरंग का शैम्पू।
डॉक्टर: ये बजरंग कहां की कंपनी है?
मरीज: बजरंग मेरा रूम मेट है।


“मै खिड़की पर बैठकर
यूँही गाना गा रहा था ।
.
.
.कबूतर जा जा जा ।
.
.
.
.तभी मेरी माँ ने नीचे से आवाज लगाई ।
.
बेटा नेट के पैसे ले लो
लेकिन गला मत फाड़ो ।. . .”


Pati: aji suna? Videshon me talaak lena bahut hi aasan hai.
Patni : pata hai tabhi to vaha ladakiyan shadi ke samay roti nahi hain.


रोगी- डॉक्टर साहब! मैं ठीक तो हो जाऊँगा ना… ।

सुना है कई डॉक्टर मलेरिया का इलाज करते हैं तो मरीज टाइफाइड से मर जाता है।
डॉक्टर- तुम चिंता मत करो!
मैं जब मलेरिया का इलाज करता हूँ तो मरीज मलेरिया से ही मरता है।


Santa-meri biwi parso mar gai,mai rone ki koshish kar raha hu,lekin aasu nahi aa rahe hai?
Banta-koi baat nahi,sirf socho ki wo vapas aa rahi hai.


पिता- ऐसी कोई चीज हो सकती है जो बम्बई से मद्रास तक बिना हिले -डुले पहुंच जाए?
पुत्र -जी हां , रेलवे लाइन |


मां ने रानी से कहा – बेटी ! लैंप जला दो |
कुछ देर बाद बेटी को पास आते देख मां ने पूछा – बेटी ! लैंप जला दिया ?

रानी बोली – हां मां, वह तो जब तुमने कहा था, तभी चूल्हे में डाल दिया था | अब तक पूरा जल गया होगा |


प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से पूछा – डियर ! मैं तुम्हारे पिताजी से शादी की बात किस समय करूं ?

प्रेमिका ने कहा – जब कभी मेरे पिताजी के पैर में जूते न हों |

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