शराब की बोतल लेकर घर की तरफ़ जा रहा था। रास्ते में…

शराब की बोतल लेकर घर की तरफ़ जा रहा था। रास्ते में पड़ौस में रहने वाले मौलवी साहब मिल गए और कहने लगे: मियाँ, तुम शराब पीते हो, तुम जहन्नुम में जाओगे।
इस पर मैंने पूछा: जनाब, लेकिन कोई शराब बेचता है तभी तो मैं ख़रीदता हूँ।उस रहमान का क्या होगा जो शराब बेचता है?
मौलवी: वो भी दोजख़ की आग में जलेगा।
मैंने फिर पूछा: तो उस अब्दुल का क्या होगा तो शराब की दूकान के बाहर  कबाब बेचता है?
मौलवी: वो तो सौ फ़ीसद जहन्नुम जायेगा।
मैंने फिर पूछा: और वो नाचने वाली ज़ुबैदा?
मौलवी: ये सब जहन्नुम में जायेंगे।
मैं बोला: फिर क्या दिक़्क़त है जहन्नुम जाने में? जब शराब वाला वहां होगा, कबाब वाला वहां होगा और नाचने वाली ज़ुबैदा वहां होगी।
(मौलवी साहब तब से मेरे साथ ही बैठे हैं, तीन पेग के बाद सलाद काट रहे हैं। सेल्फी लेने से मना कर रहे हैं।)